मानव और प्राणी-मात्र की सेवा का धर्म ही असली भक्ति हैं || The duty of serving humanity and all living beings is true devotion

एक नगर में बहुत धनवान सेठ रहता था। वह बहुत सी फैक्ट्रियों का स्वामी था! लेकिन था…! पक्का नास्तिक…! ईश्वर को बिल्कुल नहीं मानता था।एक सायंकाल अचानक उसे बहुत बैचेनी होने लगी।डॉक्टर को बुलाया गया- सारी जाँचें करवा ली, परन्तु कुछ भी नहीं निकला।उसकी बैचेनी बढ़ती गयी।उसके समझ में नहीं आ रहा था- कि ये … Read more

The Wall of Two Hearts : A New Perspective on Assistance || दो दिलों की दीवार : सहायता का नया परिप्रेक्ष्य

When Seth Muralidhar began constructing his house, neighboring plot owner Omprakash approached him privately, proposing that if Muralidhar allowed him to use the side wall for his construction, Omprakash would build two rooms equivalent to Muralidhar’s own, ensuring a suitable dwelling for his family. This would save the cost of constructing one wall.Omprakash was of … Read more

दो दिलों की दीवार : सहायता का नया परिप्रेक्ष्य || The Wall of Two Hearts : A New Perspective on Assistance

सेठ मुरलीधर जी ने अपना घर बनवाना शुरू किया तो उनके बराबर में पड़े प्लाट के मालिक ओमप्रकाश जी ने मुरलीधर जी से अकेले में प्रार्थना की कि यदि वे उनके प्लाट साइड वाली दीवार के इस्तेमाल की अनुमति दे देंगे तो वे भी उनके बराबर में दो कमरे बना कर अपने परिवार के रहने … Read more